रवींद्र प्रसाद सिंह, रिटायर्ड टीचर रांची | झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित होने वाली आठवीं बोर्ड परीक्षा का फॉर्म जमा करने से संबंधित शेड्यूल गुरुवार को समाप्त हो गई। इसके बाद राज्य की स्कूली शिक्षा सिस्टम की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिला-वार डाटा के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में राज्यभर में आठवीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहां 2025 में कुल 5 लाख 18 हजार 23 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 4 लाख 62 हजार 94 रह गई। इसका मतलब है कि महज एक साल में 55 हजार 929 बच्चे गत वर्ष से कम हैं। यह गिरावट सिर्फ शिक्षा विभाग की प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़ा करती है। छुट्टी में नहीं होनी चाहिए डेट की घोषणा झारखंड में आठवीं बोर्ड परीक्षा सिर्फ एक शैक्षणिक औपचारिकता नहीं रह गई है, बल्कि यह राज्य की स्कूली शिक्षा की सेहत का पैमाना बनती जा रही है। एक साल में 56 हजार बच्चों का सिस्टम से बाहर होना एक बड़ी चेतावनी है। शीतकालीन अवकाश के समय एग्जाम फॉर्म जमा करने की तिथि घोषित नहीं होना चाहिए।
Discover more from Jharkhand News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.