झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को गिरिडीह के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या का मामला सदन में जोरदार तरीके से उठा। इस जघन्य घटना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने चिंता जताई। वहीं सदन में विधायकों की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही।
सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर पार्टी नेतृत्व ने विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने की जिम्मेदारी दी है, जिससे उपस्थिति प्रभावित हुई है। विपक्षी सदस्यों ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में अनुपस्थिति चिंता का विषय है।
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हत्या को जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि बीती रात करीब 12 बजे तक राकेश महतो का मोबाइल सक्रिय था, जिससे आशंका है कि उसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद शव को जलाने का भी प्रयास किया गया। पुलिस कॉल डिटेल्स सहित विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि हाल ही में पारित अनुपूरक बजट उनके विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य को पहली बार राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा पर 605 करोड़ रुपये की राशि मिली है। आगामी बजट में महिलाओं और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को सजा मिलेगी। डुमरी विधायक जयराम महतो और जेडीयू विधायक सरयू राय ने भी सदन में कम उपस्थिति पर चिंता जताते हुए जनहित के मुद्दों पर गंभीरता बरतने की जरूरत बताई।
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