जेएलकेएम के बैनर तले गिरिडीह सदर अस्पताल परिसर में आउटसोर्सिंग कर्मियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। अस्पताल के विभिन्न विभागों में कार्यरत बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग कर्मचारी इस धरने में शामिल हैं। आंदोलनरत कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा धरना पर बैठे कर्मियों में अफताब आलम, प्रतिमा सिंह और जेएलकेएम नेता नागेंद्र चंद्रवंशी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से बकाया वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और पूर्व में की गई सभी कटौतियों के भुगतान की मांग कर रहे हैं। इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं कर्मियों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा निर्धारित समय पर वेतन और बोनस का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कई कर्मचारी वर्षों से कार्यरत होने के बावजूद नियुक्ति पत्र से वंचित हैं, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। धरनार्थियों की प्रमुख मांग है कि सभी पदों पर कार्यरत कर्मियों को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। धरना में शामिल तकनीकी डिग्रीधारी कर्मियों ने बताया कि उनसे कुशल कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें अकुशल श्रेणी के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सभी तकनीकी डिग्रीधारी कर्मियों को कुशल कामगार की श्रेणी में रखते हुए उचित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अन्य मांगों में प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, अनुत्तीर्ण कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्किल टेस्ट का परिणाम जल्द जारी कर उनकी पद बहाली की भी मांग उठाई गई है। धरना दे रहे लोगों ने यह भी बताया कि वेतन भुगतान में देरी का एक बड़ा कारण उपस्थिति पंजी (एबसेंटी) पर समय से हस्ताक्षर न होना है। उन्होंने सिविल सर्जन से मांग की है कि सभी प्रखंडों के प्रभारियों को प्रत्येक माह की 5 तारीख तक एबसेंटी पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जाए, ताकि वेतन का भुगतान समय पर हो सके।
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