गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरी-फुसरो रोड पर खांखी जंगल के पास शनिवार सुबह पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो का अधजला शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की स्थिति और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने हत्या की पुष्टि की है। स्थानीय लोगों ने सुबह सड़क किनारे अधजली लाश देखी और इसकी सूचना निमियाघाट थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान डुमरी के बड़े राजनीतिक चेहरे और वर्ष 2016 में जिला परिषद अध्यक्ष रहे राकेश महतो के रूप में हुई। हत्या से पहले की गई थी मारपीट
जानकारी के अनुसार, हत्या से पहले उनके साथ मारपीट की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाने का प्रयास किया गया। एसडीपीओ सुमित कुमार के नेतृत्व में निमियाघाट व डुमरी थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। एसडीपीओ ने पुष्टि करते हुए कहा कि राकेश महतो की हत्या की गई है और शव खांखी जंगल से बरामद हुआ है। वाहनों की लंबी कतार लग गई
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक घटनास्थल पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने डुमरी-फुसरो मुख्य सड़क को जाम कर दिया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस अधिकारियों के समझाने और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया। इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल
राकेश महतो झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लोकप्रिय नेता माने जाते थे। उनकी हत्या से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। झामुमो जिलाध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल हत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह पता चल सकेगा।
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