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Artificial Insemination: बोकारो के डॉ. अनिल कुमार ने गायों में कृत्रिम गर्भाधान के फायदे और इससे संबंधित दूसरी जरूरी जानकारियां साझा की. उन्होंने भारत सरकार के एनआईपी ऐप से अपडेट लेने के विषय में भी बताया ताकि पशुपालक भरपूर फायदा उठा सकें.
बोकारो. गायों में स्वास्थ्य समस्याएं, पोषण की कमी और सही प्रजनन प्रबंधन के अभाव के कारण गर्भधारण की समस्या बढ़ती है और इसका सीधा असर पशुपालकों की आय और दूध उत्पादन पर पड़ता है. ऐसे में बोकारो के चास पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने कृत्रिम गर्भाधान के फायदे और कृत्रिम गर्भाधान से पहले की तैयारी को लेकर जानकारी साझा की है.
इस तरह की समस्याएं आती हैं
डॉ. अनिल ने बताया कि अक्सर गायों में गर्भधारण न होने के पीछे देखभाल की कमी, प्रजनन अंगों में संक्रमण या चोट मुख्य कारण हो सकते हैं. इसके अलावा समय पर प्राकृतिक गर्भाधान के लिए अच्छे नस्ल का सांड उपलब्ध नहीं होता और इस प्रक्रिया में गाय के चोटिल होने या प्रजनन से जुड़ी बीमारियों के फैलने का खतरा भी रहता है.
ऐसे में कृत्रिम गर्भाधान पशुपालकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प है, जिससे गाय को उन्नत नस्ल का सीमेन मिल पाता है और भविष्य में दूध उत्पादन भी बढ़ता है. वहीं कृत्रिम गर्भाधान से कम समय में अधिक गायों का गर्भाधान संभव है और इससे पशु की नस्ल में तेजी से सुधार होता है तथा रोगों के फैलाव पर भी रोक लगती है.
लें सरकार के इस ऐप की मदद
आगे उन्होंने बताया कि सरकार के एनआईपी यानी नेशनल इंसेमिनेशन पोर्टल ऐप के माध्यम से पशुपालक गर्भवती गाय से जुड़े अपडेट अपने मोबाइल पर देख सकते हैं. इसके अलावा सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग कर पशुपालक मादा बाछी प्राप्त करने की संभावना भी बढ़ा सकते हैं.
कृत्रिम गर्भाधान से पहले कुछ सावधानियां जरूरी हैं
कृत्रिम गर्भाधान से पहले सही तैयारी बेहद जरूरी है. इसके लिए गाय का हीट में आना जरूरी है और हीट के लक्षण जैसे बार-बार रंभाना, पूंछ उठाना, प्रजनन अंगों में सूजन, पारदर्शी चिपचिपा द्रव निकलना और बेचैनी देखी जाती है.
देसी नस्ल की गाय में हीट के 12 से 14 घंटे बाद और संकर नस्ल की गाय में 14 से 16 घंटे बाद गर्भाधान कराना चाहिए. गर्भाधान के लगभग 90 दिन बाद गर्भ जांच करानी चाहिए. यदि बार-बार प्रयास के बाद भी गर्भ नहीं ठहरता है तो पशु चिकित्सक से गाय की स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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